Delhi Lok Adalat 2026: दिल्ली में वाहन चालकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। 10 जनवरी 2026 को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें पुराने ट्रैफिक ई-चालान को कम जुर्माने में या पूरी तरह माफ कराकर सेटल करने का मौका मिलेगा। यह लोक अदालत दिल्ली के सभी जिला न्यायालयों जैसे तीस हजारी, साकेत, रोहिणी, द्वारका, पटियाला हाउस, कड़कड़डूमा और राउज एवेन्यू में एक साथ आयोजित होगी। लोक अदालत में शामिल होने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन जरूरी है, जिसकी शुरुआत 5 जनवरी 2026 सुबह 10 बजे से हो चुकी है। केवल 30 सितंबर 2025 तक के पेंडिंग चालान ही इस प्रक्रिया में शामिल किए जाएंगे।
लोक अदालत में बिना हेलमेट या सीट बेल्ट, रेड लाइट जंप, ओवरस्पीडिंग, गलत पार्किंग, बिना PUC और ट्रैफिक नियमों के छोटे उल्लंघन जैसे मामलों का निपटारा किया जाएगा। वहीं शराब पीकर गाड़ी चलाने, हिट-एंड-रन और गंभीर सड़क हादसों से जुड़े मामले इसमें शामिल नहीं होंगे। सुनवाई के दौरान जज अपराध की गंभीरता के आधार पर जुर्माना कम कर सकते हैं या कई मामलों में पूरी तरह माफ भी कर सकते हैं। लोक अदालत के जरिए चालान सेटल कराने से कोर्ट केस की झंझट खत्म होती है और समय व पैसे दोनों की बचत होती है।
Table of Contents
Delhi Lok Adalat 2026
लोक अदालत में शामिल होने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 5 जनवरी 2026 सुबह 10 बजे से शुरू हो चुकी है। एक दिन में अधिकतम 45,000 चालान और कुल 1,80,000 चालान ही लिए जाएंगे। ऐसे में देरी करने पर मौका हाथ से निकल सकता है।
किन चालानों का होगा निपटारा
इस लोक अदालत में केवल 30 सितंबर 2025 तक के पेंडिंग ट्रैफिक चालान ही लिए जाएंगे। अगर आपकी कार, बाइक, स्कूटर या किसी अन्य वाहन पर पुराना चालान बकाया है, तो आप इसे लोक अदालत के जरिए सेटल करा सकते हैं।

ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन
सबसे पहले दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने वाहन का पेंडिंग चालान चेक करें। इसके बाद ऑनलाइन फॉर्म भरकर जरूरी डॉक्यूमेंट अपलोड करें। सफल रजिस्ट्रेशन के बाद आपको टोकन नंबर और अपॉइंटमेंट लेटर मिलेगा, जिसे डाउनलोड करके प्रिंट निकालना जरूरी है।
10 जनवरी को कहां और कैसे पहुंचे लोक अदालत
अपॉइंटमेंट लेटर में दिए गए समय पर आपको कोर्ट परिसर पहुंचना होगा। यह लोक अदालत तीस हजारी, साकेत, रोहिणी, द्वारका, पटियाला हाउस, कड़कड़डूमा और राउज एवेन्यू कोर्ट में आयोजित की जाएगी। साथ में वाहन की RC, ड्राइविंग लाइसेंस, इंश्योरेंस, PUC सर्टिफिकेट और टोकन स्लिप जरूर रखें।
सुनवाई के दौरान क्या होगा
लोक अदालत में मौजूद जज मामले की सुनवाई करेंगे। ट्रैफिक नियम उल्लंघन की गंभीरता को देखते हुए जुर्माने की राशि कम की जा सकती है या कई मामलों में पूरी तरह माफ भी की जा सकती है। अगर कोई संशोधित जुर्माना तय होता है, तो उसे उसी समय जमा करना होगा।
कौन-कौन से ट्रैफिक चालान हो सकते हैं माफ
लोक अदालत में छोटे ट्रैफिक मामलों का निपटारा किया जाता है। इनमें बिना हेलमेट या सीट बेल्ट, रेड लाइट जंप, ओवरस्पीडिंग, गलत पार्किंग, बिना PUC, नंबर प्लेट से जुड़ी गलती और ट्रैफिक साइन उल्लंघन जैसे मामले शामिल हैं। हालांकि शराब पीकर गाड़ी चलाना, हिट-एंड-रन और गंभीर सड़क हादसे जैसे मामलों को लोक अदालत में शामिल नहीं किया जाएगा।
ट्रैफिक के अलावा ये मामले भी होंगे सेटल
नेशनल लोक अदालत में सिर्फ ट्रैफिक चालान ही नहीं, बल्कि पारिवारिक विवाद, संपत्ति से जुड़े छोटे सिविल मामले और अन्य समझौता योग्य केस भी निपटाए जाएंगे।







