Bhagavanth Kesari: थलापति विजय की अपकमिंग और बताई जा रही आखिरी फिल्म ‘जन नायकन’ रिलीज से पहले ही सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चा में आ गई है। हाल ही में रिलीज हुए ट्रेलर को जहां विजय के फैंस ने उनके करियर का इमोशनल फेयरवेल बताया, वहीं दूसरी ओर फिल्म को लेकर ट्रोलिंग भी शुरू हो गई। दरअसल, कई सोशल मीडिया यूजर्स और यूट्यूबर्स का दावा है कि ‘जन नायकन’ के कई सीन तेलुगु सुपरस्टार नंदमुरी बालकृष्ण की फिल्म Bhagavanth Kesari से मिलते-जुलते हैं। इसी तुलना की वजह से विजय की फिल्म को रीमेक और कॉपी कहकर निशाने पर लिया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर दोनों फिल्मों के सीन की तुलना करते हुए यूजर्स ने यहां तक कह दिया कि ‘जन नायकन’ देखने के बजाय Bhagavanth Kesari देखना बेहतर है। कुछ लोगों ने तो दर्शकों को थिएटर में पैसा बर्बाद न करने की सलाह भी दे दी। हालांकि, विजय के फैंस अब भी फिल्म के सपोर्ट में खड़े हैं और उनका कहना है कि सिर्फ ट्रेलर देखकर पूरी फिल्म को जज करना गलत है। अब सवाल यही है कि क्या ‘जन नायकन’ रिलीज के बाद ट्रोलिंग का जवाब दे पाएगी या यह विवाद बॉक्स ऑफिस पर भी असर डालेगा।
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Bhagavanth Kesari
साउथ सिनेमा के सबसे बड़े सितारों में गिने जाने वाले थलापति विजय एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह उनकी तारीफ नहीं बल्कि ट्रोलिंग है। उनकी अपकमिंग और बताई जा रही आखिरी फिल्म जन नायकन का ट्रेलर रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। जहां एक तरफ विजय के फैंस इस फिल्म को उनके करियर का इमोशनल फेयरवेल मान रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बड़ी संख्या में यूजर्स इसे जमकर ट्रोल कर रहे हैं। इस ट्रोलिंग की सबसे बड़ी वजह बनकर सामने आई है तेलुगु सुपरस्टार नंदमुरी बालकृष्ण की फिल्म Bhagavanth Kesari।
ट्रेलर रिलीज के बाद बदला माहौल
जन नायकन’ का ट्रेलर रिलीज होते ही शुरुआती घंटों में इसे शानदार रिस्पॉन्स मिला। विजय का दमदार एक्शन, गंभीर लुक और पॉलिटिकल टच देखकर फैंस काफी एक्साइटेड नजर आए। खास बात यह है कि इस फिल्म को लेकर भावनाएं इसलिए भी जुड़ी हैं क्योंकि इसे थलापति विजय की आखिरी फिल्म बताया जा रहा है। लेकिन जैसे-जैसे ट्रेलर को ज्यादा लोगों ने देखा, सोशल मीडिया पर तुलना शुरू हो गई और माहौल तेजी से बदल गया।
भगवंत केसरी से तुलना बनी ट्रोलिंग की वजह
ट्रोलिंग की असली वजह तब सामने आई जब यूजर्स ने ‘जन नायकन’ के कई सीन को Bhagavanth Kesari से मिलता-जुलता बताया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर दोनों फिल्मों के सीन साइड-बाय-साइड शेयर किए जाने लगे। यूजर्स का कहना है कि एक्शन सीक्वेंस, किरदार की बॉडी लैंग्वेज और कुछ भावनात्मक सीन सीधे तौर पर बालकृष्ण की फिल्म की याद दिलाते हैं। इसी तुलना ने ‘जन नायकन’ को रीमेक या कॉपी कहे जाने की बहस को हवा दे दी।
यूजर्स बोले पैसा बर्बाद मत करो
ट्रोलिंग यहीं नहीं रुकी। कई यूजर्स ने तो साफ शब्दों में लोगों को सलाह दे दी कि वे ‘जन नायकन’ देखने के लिए थिएटर में पैसा खर्च न करें। कुछ कमेंट्स में लिखा गया कि भगवंत केसरी पहले से ही यूट्यूब और ओटीटी पर उपलब्ध है, इसलिए ऑरिजनल फिल्म देखना बेहतर है। एक यूजर ने तो यहां तक कहा कि विजय की फिल्म किसी भी एंगल से बालकृष्ण की फिल्म का मुकाबला नहीं कर पाती। कई तेलुगु यूट्यूबर्स ने भी अपने रिव्यू और वीडियो में इस तुलना को लेकर विजय की फिल्म पर सवाल उठाए हैं।
फैंस का पलटवार और उम्मीदें
हालांकि, ट्रोलिंग के बीच विजय के फैंस पूरी मजबूती से उनके सपोर्ट में खड़े हैं। फैंस का कहना है कि सिर्फ ट्रेलर देखकर किसी फिल्म को जज करना गलत है। उनके मुताबिक ‘जन नायकन’ थलापति विजय के करियर की आखिरी फिल्म है और इसमें उनका मैसेज, इमोशन और परफॉर्मेंस ज्यादा मायने रखता है। फैंस यह भी मानते हैं कि साउथ सिनेमा में कई बार थीम मिलती-जुलती हो सकती है, लेकिन पूरी फिल्म का अनुभव अलग होता है।
रिलीज से पहले ही बढ़ा विवाद
कुल मिलाकर ‘जन नायकन’ रिलीज से पहले ही जबरदस्त चर्चा और विवादों में घिर चुकी है। एक तरफ इसे विजय की आखिरी फिल्म होने का इमोशनल सपोर्ट मिल रहा है, वहीं दूसरी तरफ भगवंत केसरी से तुलना इसकी मुश्किलें बढ़ा रही है। अब देखना दिलचस्प होगा कि यह ट्रोलिंग सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित रहती है या फिर फिल्म की रिलीज के बाद बॉक्स ऑफिस पर भी इसका असर देखने को मिलता है। फिलहाल इतना तय है कि ‘जन नायकन’ को लेकर चर्चा आने वाले दिनों में और तेज होने वाली है।











